डा. शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पंडितराज जगन्नाथ के काव्यशास्त्रीय अवदान एवं उनके ग्रंथ रसगंगाधर पर आयोजित सात दिवसीय वेबिनार कार्यशाला का समापन शनिवार को हुआ। इस दौरान देश, विदेश के संस्कृत से जुड़े विद्वानों ने अपने विचार रखे महाविद्यालय के संस्कृत विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति महावीर अग्रवाल ने कहा कि पंडितराज जगन्नाथ के संदर्भ में प्रचलित अनेक भ्रांतियों का निवारण करते हुए उनके मूल ग्रंथ का अध्ययन छात्र-छात्राओं को करना चाहिए। कहा कि रसगंगाधर मात्र एक काव्यशास्त्र नहीं बल्कि वह तत्कालिक भारत है जिसमें बाहर से आए आक्रांताओं ने हमारी ज्ञान परंपराओं को विच्छेद करने की कोशिश की। बावजूद जगन्नाथ जैसे विद्वानों ने इस परंपरा को जीवित रखा।