एक कहावत है 'अगर हौसला हो तो लक्ष्य बेहद आसान हो जाता है।' ऐसे ही हौसले की मिसाल हैं पूर्णिया के सत्यम सुन्दरम। सत्यम ने एमबीए की पढ़ाई के बाद अपना खुद का स्टार्टअप शुरू किया। उनके ये स्टार्टअप एकदम अलग तरह का है। इन्होंने बांस से 55 तरह के आकर्षक उत्पाद बनाये। इस काम में उन्होंने 11 और लोगों को रोजगार दिया है। इस बिजनेस में उन्हें प्रधामंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत बैंक से आर्थिक सहायता मिली। सत्यम ने कई जगह बांस के इन उत्पादों के स्टाल और उन्हें जमकर सराहना मिली
सत्यम सुन्दरम ने एमबीए की पढ़ाई कंप्लीट करने के बाद अपनी मां आशा देवी के साथ अपने शहर में खुद का स्टार्टअप शुरू किया। उन्होंने मणिपुरी बांस से सोफा, टेबल, बोतल, ज्वैलरी, पेंटिंग सहित 55 तरह की चीजें बनाई और बेचने के लिए मार्केट में उतारा। शुरुआती संघर्ष के बाद अब उन्हें बैंक से सहायता मिली। सत्यम का ये बिजनेस एक साल के अंदर ही चल निकला और उन्होंने 11 लोगों को रोजगार भी दिया। सत्यम की मां ऊषा देवी बताती हैं उनके बेटे की शुरू से इच्छा थी की वह एमबीए कंप्लीट करके खुद का स्टार्टप शुरू करे। प्रधानमंत्री से उसे स्टार्टअप की प्रेरणा मिली थी। आज वह खुद का रोजगार कर रहा है।
उद्योग विभाग के जीएम संजय वर्मा का कहना है कि जब पहली बार उन्होंने एक प्रदर्शनी में सत्यम का स्टाल देखा तो अच्छा लगा। इसके बाद उनके प्रोजक्ट को पीएमजीपी से जोड़कर बैक से भी उन्हें 10 लाख का लोन दिया गया है। उद्योग मंत्री शहनवाज हुसैन ने कहा कि पीएमजीपी के अंतर्गत इनका प्रोजेक्ट काफी अच्छा है। सत्यम के उत्पाद को खादी माल में जगह दी जाएगी और उसे आगे बढ़ाने में सरकार हर संभव मदद करेगी।