हल्द्वानी: पहाड़ की लाइफ लाइन कहे जाने वाली गढ़वाल और कुमाऊं मोटर्स ऑनर्स यूनियन यानी केएमयू व जेएमयू के लिए राहत भरी खबर है. उत्तराखंड सरकार ने इन बसों के टैक्स में कटौती की है. ऐसे में टैक्स कटौती के साथ-साथ पहाड़ों पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए किराए में कमी आएगी. पहाड़ों पर सुगम यात्रा के लिए केएमयू व जेएमयू की बस लोगों की पहली प्राथमिकता होती है.
उत्तराखंड ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा बसों से प्रति सीट के हिसाब से टैक्स लिया जाता है. परिवहन विभाग के अनुसार मैदानी जिलों में चलने वाली बसों का ₹100 प्रति सीट के हिसाब से टैक्स देना होता है. जबकि जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में चलने वाली बसों का टैक्स ₹50 प्रति सीट देना पड़ता है. ऐसे में सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में चलने वाली केएमयू व जेएमयू के बसों को राहत देते हुए अब ₹25 प्रति सीट के दर से टैक्स वसूल करेगी. ऐसे में बताया जा रहा है कि पर्वतीय क्षेत्र में चलने वाली बसों का टैक्स कम हो जाने से जहां कुमाऊं गढ़वाल मोटर ऑनर्स (Kumaon Garhwal Motor Owners) से जुड़े करीब 500 बस मालिकों को टैक्स में राहत मिलेगी तो वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों को किराए में भी राहत मिलेगी.