अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षक समन्वय समिति की 24 सूत्रीय प्रमुख मांगों में प्रदेश के समस्त राज्य कार्मिकों को पूर्व की भांति 10, 16 व 26 साल की सेवा पर पदोन्नति वेतनमान अनुमन्य किया जाय। राज्य कार्मिकों के लिए निर्धारित गोल्डन कार्ड की विसंगतियों का निराकरण किया जाय। पदोन्नति के लिए पात्रता अवधि में पूर्व की भांति शिथिलीकरण की व्यवस्था बहाल की जाय। प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाय। मिनिस्ट्रीयल संवर्ग में कनिष्क सहायक की शैक्षिक योग्यता स्नात्तक व एक वर्षीय कम्प्यूटर ज्ञान अनिवार्य किया जाय। व्यैक्तिक सहायक संवर्ग में पदोन्नति के सोपान बढ़ाते हुये स्टाफिंग पैटर्न के तहत ग्रेड पे 4800 तक अनुमन्य किया जाय। वाहन भत्ता सभी कार्मिकों के लिए नियत किया जाय। राजकीय वाहन चालक को ग्रेड पे 2400 इग्नोर करते हुये स्टाफिंग पैटर्न के तहत 4800 तक अनुमन्य किया जाय। चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को चालकों की भांति स्टाफिंग पैटर्न के तहत ग्रेड वेतन 4200 तक अनुमन्य किया जाय। 6 से 19 सितंबर तक गेट मीटिंग के बाद 20 सितंबर को जिला मुख्यालय पर मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जायेगा। बद्री प्रसाद सकलानी, प्रताप सिंह चौहान, जगत डोगरा, राजीव नेगी, त्रिलोक सिंह नेगी के नेतृत्व में टिहरी मुख्यालय में गेट मीटींग का आयोजन विभिन्न विभागों में किया जा रहा है। जिसमें गुरूवार को राजेंद्र सिंह नेगी, राजेंद्र चौहान, विपिन रतूड़ी, भरत सिंह भंडारी, खुशीराम डंगवाल, खेमचंद कुमांई, बलवंत सिंह नेगी, विजयपाल गुसांई, चद्रेश्वर थपलियाल, राजेश चंद रमोला, रतन सिंह कैंतुरा, राजेंद्र प्रसाद भट्ट, मुकेश भट्ट, आकांक्षा चौहान, राजेंद्र नौटियाल, दिनेश गुसांई, विरेंद्र सिंह राणा, प्रदीप भूषण आदि कर्मचारी-अधिकारी शामिल रहे।