नई आबकारी नीति वापस लेने से मचे सियासी घमासान के बीच दिल्ली सरकार ने साफ तौर पर कहा कि, आगामी एक महीने तक तो नयी आबकारी नीति लागू रहेगी। क्योंकि पुरानी आबकारी नीति लागू करने में कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी हैं।
इधर, सूत्रों का कहना है कि, नई आबकारी नीति में विस्तार के लिए मुख्य सचिव ने डिप्टी सीएम और आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया को प्रस्ताव भेजा है। जिसके कैबिनेट से पास होने के बाद ही फाइल उपराज्यपाल के पास जाएगी। अभी तक न तो कैबिनेट नोट तैयार हुआ है और न ही कैबिनेट की बैठक की तारीख तय है। ऐसे में वैकल्पिक इंतजाम करने के लिए वक्त चाहिए।
इसी बीच सिसोदिया ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाया है। सिसोदिया ने कहा कि, ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर भाजपा शराब की वैध दुकानों को बंद करवाना चाहती है। उनकी मंशा दिल्ली में भी गुजरात की तरह अवैध नकली शराब बिकवाने की है। इसके लिए दुकानदारों को दुकान छोड़ने को मजबूर किया जा रहा है। भाजपा के मकसद को नाकामयाब करने के लिए दिल्ली सरकार नई आबकारी नीति को वापस ले रही है।
सिसोदिया ने कहा कि देश में दो तरीके की शराब नीति है। एक तरफ गुजरात है और दूसरा दिल्ली। गुजरात में शराबबंदी के नाम पर भाजपा के लोग हजारों करोड़ों की नकली शराब बनाते और बेचते हैं। वहीं, जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हो रही है। इसके उलट दिल्ली सरकरा ने नई नीति के तहत पारदर्शी तरीके से शराब की दुकानों का आवंटन किया। इससे भ्रष्टाचार खत्म हुआ।